तेहरान: ईरान की संसद के उपसभापति अली नेकज़ाद ने संसद के सत्र में दिए अपने भाषण में देश की मौजूदा स्थिति, क्षेत्रीय तनाव और विदेशी शक्तियों को लेकर कड़े बयान दिए। उन्होंने ईरान के लोगों से एकता बनाए रखने की अपील की और कहा कि देश किसी भी बाहरी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है।
नेकज़ाद ने अपने संबोधन की शुरुआत ईरान के दिवंगत नेताओं, शहीदों और देश की रक्षा में बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने हालिया जनसमर्थन और शोक सभाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ईरानी जनता अपने नेतृत्व और देश के प्रति वफादार है।
अली नेकज़ाद ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान किसी भी संभावित कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि अगर अमेरिका और इस्राईल की ओर से कोई नई कार्रवाई की गई तो ईरानी सशस्त्र बल इसका कड़ा जवाब देंगे।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पहले जैसी परिस्थितियां वापस नहीं आएंगी और अमेरिका को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करना चाहिए। नेकज़ाद ने अमेरिकी नेतृत्व को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी नए संघर्ष के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
ईरानी उपसभापति ने कहा कि हुर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े हालात अब पहले जैसे नहीं रहेंगे। उन्होंने अमेरिका को क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी और कहा कि ईरान अपने हितों और सुरक्षा की रक्षा करने में सक्षम है।
नेकज़ाद ने यूरोप के कुछ देशों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान लंबे समय से उनके "हस्तक्षेप" को सहन करता आया है। उन्होंने ब्रिटेन, बुल्गारिया और यूक्रेन को अमेरिका के प्रभाव में आकर कोई कदम न उठाने की चेतावनी दी है।
ईरानी नेता ने यूक्रेन की नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी देश की कार्रवाई ईरान की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ होगी तो उसे जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान अपने बचाव के अधिकार का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा।
अपने भाषण के अंत में अली नेकज़ाद ने कहा कि ईरान अपने लोगों की एकता और सशस्त्र बलों की ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की जीत क़रीब है।
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